Crime Delhi

दिल्ली में 128 करोड़ के GST फर्जीवाड़े का पर्दाफाश, EOW ने मास्टरमाइंड समेत 6 को दबोचा

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक बड़े GST घोटाले का भंडाफोड़ करते हुए संगठित फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने फर्जी कंपनियों के जरिए सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने करीब 128 करोड़ रुपये का नकली कारोबार दिखाकर लगभग 10 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) अवैध तरीके से हासिल किया। यह पूरा नेटवर्क फर्जी बिलिंग और शेल कंपनियों के जरिए संचालित किया जा रहा था।

गिरफ्तार आरोपियों में दिल्ली निवासी राजकुमार दीक्षित को इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड बताया गया है। उसके साथ गाजियाबाद, मथुरा और दिल्ली से जुड़े अन्य पांच आरोपी—विभाष मित्रा, अमर, नितिन वर्मा, मोहम्मद वसीम और आबिद—को भी गिरफ्तार किया गया है। वहीं एक अन्य आरोपी दिलीप कुमार अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में सबूत बरामद किए हैं, जिनमें 51.12 लाख रुपये नकद, 15 मोबाइल फोन, दो कारें, लैपटॉप, फर्जी मुहरें और नकली GST बिल शामिल हैं। जांच में यह भी पता चला है कि इस नेटवर्क से जुड़ी लगभग 50 शेल कंपनियां बनाई गई थीं, जिनके जरिए बड़े पैमाने पर फर्जी लेनदेन किया गया।

जांच एजेंसियों के अनुसार, यह गिरोह बेरोजगार लोगों को नौकरी का झांसा देकर उनके दस्तावेज हासिल करता था और उन्हीं के नाम पर फर्जी कंपनियां रजिस्टर कराई जाती थीं। बाद में बिना किसी वास्तविक कारोबार के नकली बिल और बैंक ट्रांजैक्शन दिखाकर GST रिफंड और इनपुट टैक्स क्रेडिट का अवैध लाभ उठाया जाता था। पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ हो सकता है और जांच के आगे बढ़ने के साथ और बड़े खुलासे होने की संभावना है।