संसद का 19 दिन लंबा शीतकालीन सत्र शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। इस सत्र की खासियत यह रही कि बार-बार के स्थगन और वॉकआउट के बजाय सदनों में अपेक्षाकृत निरंतर बहस हुई, जिससे सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराने में सफल रही। कुल 19 बैठकों में संसद ने आर्थिक, सामाजिक और रणनीतिक महत्व वाले आठ प्रमुख कानूनों को मंजूरी दी।
इस सत्र में बीमा और परमाणु ऊर्जा क्षेत्रों में निजी और विदेशी निवेश को बढ़ावा देने, ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में व्यापक सुधार करने और नए वित्तीय-कराधान उपायों से जुड़े विधेयक पारित किए गए। इनमें सबसे अहम सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (शांति) बिल, 2025, विकसित भारत ग्राम रोजगार और मानव गरिमा (VB G-RAM-G) बिल, 2025, और सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा कानून संशोधन) बिल, 2025 शामिल हैं।
हालांकि, दिल्ली-एनसीआर में बिगड़ती वायु गुणवत्ता पर प्रस्तावित चर्चा सत्र के अंतिम दिन होनी थी, लेकिन दोनों सदनों के अनिश्चितकालीन स्थगन के चलते यह मुद्दा सदन में नहीं उठ पाया।
राज्यसभा की कार्य उत्पादकता इस सत्र में 121 प्रतिशत रही। वंदे मातरम् की धुन के साथ सदन की कार्यवाही स्थगित की गई। कुल मिलाकर, शीतकालीन सत्र को सरकार के लिए विधायी रूप से सफल माना जा रहा है।









