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अमेरिका का ग्रीनलैंड पर कब्जे का प्रस्ताव, ट्रम्प ने सुरक्षा और रूस-चीन प्रभाव रोकने का तर्क दिया

अमेरिकी संसद में ग्रीनलैंड को 51वां राज्य बनाने का बिल पेश किया गया है। ‘ग्रीनलैंड एनेक्सेशन एंड स्टेटहुड एक्ट’ नामक इस बिल को हाउस और सीनेट दोनों से मंजूरी लेनी होगी। सांसद रैंडी फाइन ने कहा कि यह कदम रूस और चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए जरूरी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी बिल का समर्थन करते हुए कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिकी सुरक्षा के लिए अहम है और इसे हासिल करना प्राथमिकता है।

हालांकि, ग्रीनलैंड और डेनमार्क सहित यूरोपीय देशों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है। डेनमार्क ने नाटो खतरे का भी इशारा किया, जबकि फ्रांस और ब्रिटेन पूरी तरह डेनमार्क के साथ नहीं हैं। ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेंस-फ्रेडरिक नीलसन ने कहा कि उनका देश बिकने वाला नहीं है और किसी भी तरह के अमेरिकी हस्तक्षेप को अस्वीकार करते हैं।

ट्रम्प ने चेताया कि अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड को हासिल नहीं किया, तो रूस और चीन वहां प्रभाव बढ़ा देंगे। उन्होंने जॉइंट स्पेशल ऑपरेशंस कमांड को संभावित सैन्य विकल्प तैयार करने का निर्देश भी दिया है, हालांकि सैन्य अधिकारी इसे कानूनी चुनौती मानते हैं। यह प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय कानून के दृष्टिकोण से विवादास्पद माना जा रहा है।