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प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का धरना, धार्मिक विवाद बना राजनीतिक मुद्दा

प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़ा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। हाल ही में उनके शिविर के बाहर हंगामे के बाद उनके शिष्यों ने उनकी जान को खतरा बताया है। आरोप है कि कुछ अराजक तत्व शिविर के बाहर नारेबाजी करते हुए जबरन घुसने की कोशिश कर रहे थे, जिसके बाद सेवकों से उनकी झड़प हो गई। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने चेतावनी दी है कि दोबारा ऐसी घटना होने पर श्रद्धालुओं और संपत्ति को नुकसान पहुंच सकता है।

यह विवाद मौनी अमावस्या के दिन शुरू हुआ था, जब शंकराचार्य पालकी से संगम स्नान के लिए जा रहे थे और पुलिस ने उन्हें पैदल जाने को कहा। इस पर आपत्ति के दौरान उनके शिष्यों से धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद वे अपने शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए।

मामले में अब संत समाज और राजनीतिक दलों की भी एंट्री हो चुकी है। अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय बताया, वहीं कुछ संतों ने आपसी संवाद से समाधान की बात कही है। बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने शिविर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। यह धार्मिक विवाद अब स्पष्ट रूप से सियासी रंग ले चुका है।