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AI ने बनाया वायरस, खतरनाक बैक्टीरिया के खिलाफ वैज्ञानिकों की बड़ी कामयाबी

वैज्ञानिकों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से एक ऐसा नया वायरस तैयार किया है, जो पहले कभी प्रकृति में मौजूद नहीं था। इस वायरस का नाम Evo–Φ2147 रखा गया है, जिसे खास तौर पर खतरनाक E. coli बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह वायरस प्राकृतिक वायरस की तुलना में करीब 25 प्रतिशत अधिक तेजी से काम करता है।

ब्रिटेन की स्टार्टअप कंपनी Genyro के वैज्ञानिकों ने AI टूल Evo2 और DNA निर्माण तकनीक Sidewinder का इस्तेमाल कर इस वायरस को विकसित किया। Evo2 को 9 ट्रिलियन बेस-पेयर डेटा पर प्रशिक्षित किया गया, जिससे वह पूरी तरह नया जैविक कोड तैयार कर सका। Evo–Φ2147 में केवल 11 जीन हैं और यह खुद से प्रजनन नहीं कर सकता, इसलिए वैज्ञानिक इसे सीमित जैविक इकाई मानते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य एंटीबायोटिक-रेसिस्टेंट बैक्टीरिया को नष्ट करना और नई वैक्सीन विकसित करने में मदद करना है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तकनीक से भविष्य में बैक्टीरियल इलाज और वैक्सीन निर्माण की प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव आ सकता है। पर्सनलाइज्ड कैंसर वैक्सीन बनाने में लगने वाला समय हफ्तों से घटकर कुछ दिनों में आ सकता है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, इस वायरस को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह इंसानों को संक्रमित न कर सके और केवल बैक्टीरिया पर ही असर डाले। वैज्ञानिकों के अनुसार, AI अब प्राकृतिक विकास का “सह-लेखक” बनता जा रहा है और आने वाले समय में जैव-विज्ञान को पूरी तरह नई दिशा दे सकता है।