बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. एनडीए और महागठबंधन दोनों ही अपनी पूरी ताकत झोंकते नजर आ रहे हैं. इस बीच वीआईपी पार्टी के पाला बदलने की चर्चा ने सियासी माहौल और गर्मा दिया है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि अगर वीआईपी पार्टी को समर्थन देना है तो अभी दे दे, इसमें क्या हर्ज है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार एक शक्तिशाली और अनुभवी नेता हैं, और एनडीए उन्हीं के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहा है.
सम्राट चौधरी ने तंज भरे लहजे में कहा कि जो लोग नीतीश कुमार को सलाह दे रहे हैं, वे अगर वास्तव में उनका समर्थन करते हैं, तो अभी सामने आ जाएं. उन्होंने कहा कि वीआईपी के मुकेश सहनी फिलहाल महागठबंधन के डिप्टी सीएम फेस हैं, लेकिन राजनीति में फैसला समय रहते लेना चाहिए.
ओवैसी की भूमिका पर पूछे गए सवाल के जवाब में चौधरी ने कहा कि बिहार की राजनीति में ओवैसी कोई फैक्टर नहीं हैं. यहां असली वोट लालू प्रसाद यादव के पास हैं, बाकी किसी के पास जनाधार नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि लालू परिवार अराजकता और गुंडागर्दी की राजनीति का प्रतीक है. जनता ने पहले उन्हें 15 साल का मौका दिया, लेकिन परिणाम निराशाजनक रहे. महागठबंधन द्वारा एनडीए से मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर सवाल उठाए जाने पर चौधरी ने साफ कहा कि कोई भ्रम नहीं है- नीतीश कुमार ही एनडीए के मुख्यमंत्री हैं और आगे भी रहेंगे, क्योंकि “हमारे यहां वैकेंसी नहीं है.”









