पंजाब में भारी बारिश के चलते कई इलाके बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं. गांव-घर पानी में डूब गए हैं और लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में हैं. इस मुश्किल वक्त में एक महिला अफसर लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई हैं- IAS साक्षी साहनी, अमृतसर की डिप्टी कमिश्नर.
बाढ़ में राहत की पहली कतार में साक्षी साहनी
साक्षी खुद ग्राउंड पर उतरकर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी कर रही हैं. उन्होंने ना सिर्फ बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाई, बल्कि घुटनों तक पानी में उतरकर लोगों को गले लगाया, ढांढस बंधाया और नावों के जरिए गांवों तक राहत पहुंचाई. उनकी यह ज़मीनी कोशिशें लोगों को भावुक कर रही हैं.

IAS बनने का सफर
साक्षी साहनी 2014 बैच की IAS अधिकारी हैं. उन्होंने 2013 की UPSC परीक्षा में ऑल इंडिया 6वीं रैंक हासिल की थी. वह नालसर यूनिवर्सिटी, हैदराबाद से लॉ ग्रेजुएट हैं और अपने बैच की टॉपर रही हैं. पहले प्रयास में असफल होने के बाद उन्होंने अगले ही साल शानदार वापसी की.
परिवार से मिली प्रेरणा
पंजाब की रहने वाली साक्षी का प्रशासनिक सेवा से जुड़ाव पारिवारिक है. उनके पिता IRS अफसर हैं और मां एक स्कूल की प्रिंसिपल. खुद भी उन्होंने हमेशा पब्लिक सर्विस को प्राथमिकता दी है.

लोगों का दिल जीत रहीं हैं
अजनाला के 20 से ज्यादा गांवों में पानी भर जाने के बाद साक्षी ने राहत कार्यों की कमान संभाली. सोशल मीडिया पर उनके वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें वो रेनकोट पहनकर बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करती दिख रही हैं. कई महिलाएं उन्हें गले लगा रही हैं और लोग उन्हें ‘धरती की मसीहा’ कह रहे हैं. साक्षी साहनी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रशासनिक अधिकारी सिर्फ दफ्तरों में नहीं, बल्कि ज़मीन पर उतरकर भी लोगों की ज़िंदगी बदल सकते हैं.









