कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पति और व्यवसायी रॉबर्ट वाड्रा को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राहत मिली है। गुरुग्राम (शिकोहपुर) जमीन सौदे से जुड़े इस मामले में कोर्ट ने उन्हें जमानत प्रदान की। वाड्रा हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दायर चार्जशीट के बाद अदालत में पेश हुए थे।
ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत इस कथित मामले में चार्जशीट दाखिल की थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने वाड्रा को समन जारी कर पेश होने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान वाड्रा की ओर से दलील दी गई कि इस चरण पर नियमित जमानत की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए, क्योंकि जांच के दौरान उन्हें न तो गिरफ्तार किया गया और न ही हिरासत में लिया गया है। उन्होंने अदालत से सीधे राहत देने और कार्यवाही समाप्त करने का अनुरोध भी किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत मंजूर कर ली। कोर्ट ने शर्त रखी कि वाड्रा को 50,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत (श्योरिटी) जमा करनी होगी।
अदालत परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए वाड्रा ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और उनके पास छुपाने के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वे अदालत के सभी सवालों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ईडी राजनीतिक दबाव में काम कर रही है और उन्हें जानबूझकर जांच का सामना करना पड़ रहा है। वाड्रा ने कहा कि वे हर स्थिति के लिए तैयार हैं और जांच प्रक्रिया का सामना करते रहेंगे।









