26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली में होने वाले भव्य समारोह में यूरोपीय संघ के दो शीर्ष नेता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इनमें यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा शामिल हैं। एंटोनियो कोस्टा का भारत से गहरा ऐतिहासिक और पारिवारिक संबंध रहा है, जो उन्हें भारतीयों के लिए खास बनाता है।
एंटोनियो कोस्टा का जन्म 17 जुलाई 1961 को पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में हुआ था। वे एक ऐसे परिवार से आते हैं, जिसने तानाशाही शासन के खिलाफ संघर्ष किया। उनके पिता ऑरलैंडो दा कोस्टा प्रसिद्ध लेखक थे, जबकि मां मारिया एंटोनियो पाला पत्रकार थीं। कोस्टा की जड़ें भारत के गोवा से जुड़ी हैं। उनके दादा लुइस अफोंसो मारिया दा कोस्टा गोवा के मारगाओ के रहने वाले थे और सारस्वत ब्राह्मण समुदाय से संबंध रखते थे।
एंटोनियो कोस्टा ने लिस्बन यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की और बाद में यूरोपीय अध्ययन में पोस्टग्रेजुएशन किया। वे पुर्तगाल के प्रधानमंत्री रह चुके हैं और दिसंबर 2024 से यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष हैं। 2017 में भारत दौरे के दौरान उन्हें OCI कार्ड भी प्रदान किया गया था।









