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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: अखिलेश यादव ने SIT जांच और FIR को लेकर उठाए गंभीर सवाल

Akhilesh Yadav ने Samajwadi Party के रुख को दोहराते हुए SIT की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि बिना FIR दर्ज किए किसी भी जांच का कोई ठोस आधार नहीं बनता और ऐसी SIT “बिना तीर की कमान” जैसी स्थिति में होती है।

यह मामला Ram Mandir में मिलने वाले चढ़ावे और कथित अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, SIT ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कई प्रक्रियागत खामियों की ओर इशारा किया है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि मंदिर में औसतन प्रति श्रद्धालु 15 से 18 रुपये तक का चढ़ावा आता है, हालांकि अनाज, तेल, घी और सोने-चांदी के दान से जुड़े ठोस दस्तावेजी प्रमाणों की कमी बताई गई है। Ayodhya स्थित इस धार्मिक स्थल पर हर महीने औसतन करीब 25 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। महाकुंभ जैसे विशेष अवसरों पर यह संख्या एक महीने में लगभग एक करोड़ तक पहुंचने की बात भी रिपोर्ट में सामने आई है।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं, लेकिन SIT की भूमिका और निष्कर्षों पर स्पष्टता नहीं दिख रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच केवल औपचारिकता बनकर रह जाए तो इससे वास्तविक सच्चाई सामने नहीं आ पाएगी। इस पूरे विवाद ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है, जहां एक ओर जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मामले की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर चर्चा लगातार बढ़ रही है।