Punjab

भ्रष्टाचार के आरोप में पंजाब के डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर न्यायिक हिरासत में

पंजाब के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और रोपड़ रेंज के डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोपों में सीबीआई ने गिरफ्तार कर 31 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। भुल्लर पर एक व्यापारी से 8 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और उसके बदले एक पुलिस मामला “निपटाने” का आरोप है।

सीबीआई ने जांच के दौरान भुल्लर के आवास और कार्यालय से 5 करोड़ रुपये से अधिक नकद, 1.5 किलोग्राम सोना, और कई अचल संपत्तियों के दस्तावेज, हथियार और विलासिता की वस्तुएं बरामद की हैं।

क्या है मामला?
11 अक्टूबर को फतेहगढ़ साहिब जिले के व्यापारी आकाश बत्ता ने सीबीआई को शिकायत दी थी कि डीआईजी भुल्लर ने अपने सहयोगी किरशानु के माध्यम से सरहिंद पुलिस स्टेशन में दर्ज एक एफआईआर को समाप्त कराने के लिए 8 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। शिकायत के अनुसार, अधिकारी ने न केवल एकमुश्त रिश्वत की मांग की बल्कि “सेवा-पानी” के नाम पर हर महीने भुगतान की भी बात कही।

सीबीआई ने इस शिकायत की पुष्टि के लिए एक रिकॉर्डेड व्हाट्सएप कॉल का हवाला दिया है, जिसमें भुल्लर अपने सहयोगी को व्यापारी से पैसे लेने का निर्देश देते हुए सुने गए। कॉल में इस्तेमाल किया गया मोबाइल नंबर डीआईजी भुल्लर के नाम पर दर्ज पाया गया।

सीबीआई की कार्रवाई
सीबीआई ने भुल्लर को चंडीगढ़ स्थित उनके कार्यालय से गिरफ्तार किया और उन्हें शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 31 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 7ए तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 61(2) के तहत दर्ज किया गया है।

भुल्लर ने कहा – “मुझे फंसाया जा रहा है”
अदालत में पेशी के दौरान डीआईजी भुल्लर ने खुद पर लगे सभी आरोपों से इनकार किया और कहा कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “मेरे खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत हैं।”

सीबीआई की जांच जारी
सीबीआई अब यह जांच कर रही है कि भुल्लर के पास मिली संपत्तियां और नकदी कहां से आईं और क्या इनके तार किसी अन्य मामलों से जुड़े हैं।
यह मामला पंजाब पुलिस के भीतर भ्रष्टाचार पर एक बार फिर सवाल खड़े कर रहा है।