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POK में विरोध की आग: जनता ने पाकिस्तान सरकार को कर दिया अल्टीमेटम

पाकिस्तान-व्यवस्थित कश्मीर (PoK) में तनाव चरम पर पहुँच गया है. स्थानीय जनता ‘अवामी एक्शन कमेटी’ की अगुवाई में अब खुली बगावत पर है. सोमवार को प्रस्तावित हड़ताल ने पूरे क्षेत्र को लॉकडाउन जैसी स्थिति में ला दिया. मुजफ्फराबाद से लेकर कोटली तक हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं. दुकानें बंद हैं, सड़कों पर रोड़ा है और सार्वजनिक परिवहन थम गया है. प्रदर्शनकारियों ने “इंसाफ चाहिए” जैसे नारे लगाए और नियंत्रण रेखा तक अपनी नाराजगी पहुंचाई.

अवामी एक्शन कमेटी, जो तेजी से जनधारणा बनाती जा रही है, 38 सूत्रीय संरचनात्मक सुधारों की मांग कर रही है. इनमें से एक महत्वपूर्ण मांग है PoK में 12 आरक्षित विधानसभा सीटों को समाप्त करना. अन्य मांगे सब्सिडी वाली अनाज आपूर्ति, बिजली दरों में सुधार, और शाश्वत सुधारों को लागू करना शामिल हैं. अध्यक्ष शौकत नवाज मीर ने कहा कि संघर्ष उन मूल अधिकारों के लिए है जिन्हें 1947 से ही जनता से वंचित रखा गया. उनका आरोप है कि पाकिस्तान PoK को “कॉलोनी” की तरह देखता है, न कि एक समान हिस्सा.

इन सबके बीच पाकिस्तानी सरकार ने इस अशांति को दबाने की ठानी है. प्रदर्शनकारियों पर नियंत्रण के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है, इंटरनेट बंद कर दिया गया है, और मुजफ्फराबाद में प्रवेश-निकास मार्गों पर अवरोध स्थापित किए गए हैं. PoK की जनता अब धैर्य खो चुकी है -साफ संदेश है कि उनकी पुकार सुनने में देर नहीं होनी चाहिए.