लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने परीक्षा प्रणाली, युवाओं के साथ कथित व्यवहार और शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए।
प्रियंका गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग क्यों किया गया। उन्होंने सवाल किया कि छात्रों पर पैलेट गन और AK-47 जैसे हथियारों के इस्तेमाल की जरूरत क्यों पड़ी और इसका आदेश किसने दिया। उन्होंने सरकार से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कहा कि देश के युवाओं के सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए।
अपने संबोधन में उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। उनका दावा था कि पिछले एक दशक में कई बार परीक्षा प्रश्नपत्र लीक हुए, लेकिन दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि केवल नए कानून बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाना होगा।
कांग्रेस सांसद ने शिक्षा बजट, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और शिक्षा व्यवस्था के केंद्रीकरण को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा तंत्र को कमजोर किया गया है और रोजगार से जुड़े क्षेत्रों की भी अनदेखी हुई है। अपने भाषण के अंत में उन्होंने सरकार से युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से लेने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।


