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PU विवाद पर सियासत गरमाई – आप और कांग्रेस ने केंद्र को घेरा

चंडीगढ़ स्थित पंजाब विश्वविद्यालय में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों द्वारा सीनेट चुनावों की तारीख घोषित करने की मांग को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई कथित लाठीचार्ज की घटना ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है।

राज्य के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता हरपाल सिंह चीमा ने प्रेस वार्ता में कहा कि “भाजपा बार-बार पंजाब का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही है। केंद्र सरकार विश्वविद्यालय की लोकतांत्रिक संरचना को कमजोर करने पर आमादा है।” उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को पंजाब विश्वविद्यालय जाकर छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।

चीमा ने कहा कि “सीनेट को खत्म करने की अधिसूचना जारी कर केंद्र ने अपनी नीयत साफ कर दी थी। बाद में विरोध के चलते उसे वापस लेना पड़ा, लेकिन अब चुनाव प्रक्रिया को टालकर वही पुराना खेल दोहराया जा रहा है।” उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की और कहा कि “आप छात्रों की मांगों के साथ खड़ी है।”

कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने भी सीनेट चुनावों की तारीख घोषित न करने पर केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जब तक चुनाव की घोषणा नहीं की जाती, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।वहीं, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग और नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने भी पुलिस की कार्रवाई को “अनुचित और लोकतंत्र के खिलाफ” बताया। वारिंग ने अपने बयान में कहा कि “केंद्र, चंडीगढ़ प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन छात्रों की भावनाओं को समझने में असफल रहे हैं।”

बाजवा ने आरोप लगाया कि भाजपा विश्वविद्यालय की स्वायत्तता खत्म करना चाहती है। उन्होंने कहा, “सीनेट और सिंडिकेट को भंग करने की साजिश पहले भी हुई थी, लेकिन जनता, छात्र संगठनों और किसान यूनियनों के विरोध के कारण उसे पीछे हटना पड़ा। अब चुनाव प्रक्रिया में दखल देकर वही कोशिश दोहराई जा रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है।”