प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर चीन के त्येनजिन शहर पहुंच चुके हैं, जहां वे शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) के शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे. इस यात्रा के दौरान रविवार को उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी होगी. अमेरिका द्वारा भारत पर बढ़े टैरिफ लगाए जाने के बाद यह मुलाकात खास अहमियत रखती है. त्येनजिन चीन का तीसरा सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण औद्योगिक व बंदरगाह शहर है, जो बीजिंग के पास हेबेई प्रांत के पास स्थित है. ऐतिहासिक रूप से यह शहर 13वीं शताब्दी से व्यापार और परिवहन का केंद्र रहा है. 19वीं सदी में यूरोपीय व्यापारियों की उपस्थिति से इसका वैश्विक महत्व और भी बढ़ गया.
त्येनजिन भारी उद्योग और मैन्युफैक्चरिंग का हब है, जहां मशीनरी, रसायन, इस्पात, जहाज निर्माण और टेक्सटाइल इंडस्ट्री प्रमुख हैं. यहां की हस्तशिल्प कलाएं, टेराकोटा मूर्तियां और बुने हुए कपड़े भी प्रसिद्ध हैं. जलवायु के लिहाज़ से, यह क्षेत्र महाद्वीपीय है, जहां सर्दियों में तापमान -4°C और गर्मियों में औसतन 27°C तक जाता है. समुद्र के पास होने के बावजूद मौसम में भारी उतार-चढ़ाव देखा जाता है. त्येनजिन में विविध समुदायों की मौजूदगी है, जिनमें तुंगन (हुई), कोरियाई, मंचू और मंगोल शामिल हैं. आर्थिक सुधारों के बाद, यहां विदेशी निवेश में तेज़ी आई है और कई वैश्विक कंपनियों ने इसमें रुचि दिखाई है.









