Maharashtra

महाराष्ट्र में मराठी ही रहेगी अनिवार्य, अन्य भाषाओं पर कोई दबाव नहीं: सीएम फडणवीस

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 99वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर स्पष्ट किया कि राज्य में स्कूली शिक्षा में केवल मराठी ही अनिवार्य भाषा होगी। किसी अन्य भारतीय भाषा को अनिवार्य नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य भाषाओं के शिक्षण और किस कक्षा से उन्हें पढ़ाया जाएगा, इसका फैसला डॉ. नरेंद्र जाधव की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट आने के बाद किया जाएगा।

सीएम फडणवीस ने जोर देकर कहा कि मराठी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की पहचान और आत्मा है। इसलिए इसकी अनिवार्यता बनी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार अन्य भाषाओं के विरोध में नहीं है, लेकिन उन्हें अनिवार्य करने का कोई इरादा नहीं है। मुख्यमंत्री ने मराठी के संरक्षण और संवर्धन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने मराठी को प्रशासनिक भाषा का दर्जा दिया था और आज भी सरकार इसे संरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा मराठी को अभिजात भाषा का दर्जा दिए जाने को गर्व की बात बताया।