लेह एयरफोर्स स्टेशन पर आज एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की गई, जब मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (MES) ने महज 21 महीनों में समानांतर रनवे निर्माण का कार्य पूरा कर दिया। इसके साथ ही 1960 के दशक में एक साधारण हवाई पट्टी रहे लेह एयरफील्ड को अब दो रनवे वाले आधुनिक एयरबेस में तब्दील कर दिया गया है। करीब 452 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना का उद्घाटन आज लद्दाख के उपराज्यपाल द्वारा किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में नए रनवे के साथ टैक्सी ट्रैक और एयरक्राफ्ट डिस्पर्सल एरिया का भी निर्माण किया गया है।
शून्य से नीचे तापमान, कम ऑक्सीजन और अत्यधिक ऊंचाई जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ यह रनवे भारतीय वायुसेना के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। चीन और पाकिस्तान सीमा के निकट स्थित होने के कारण यह रनवे भारी सैन्य विमानों की आवाजाही और ऑपरेशनल क्षमताओं को और मजबूत करेगा। MES, भारतीय वायुसेना और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से पूरा हुआ यह प्रोजेक्ट सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को सशक्त करने और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।









