29 जनवरी 2026 को संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया, जो आम बजट से पहले देश की आर्थिक स्थिति का विस्तृत लेखा-जोखा देता है। रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 6.8% से 7.2% के बीच रखा गया है। मजबूत घरेलू मांग, बुनियादी ढांचे का विस्तार और वित्तीय विवेकशीलता को इस ग्रोथ के प्रमुख कारण बताया गया है।
इस बार आर्थिक सर्वेक्षण में कुल 16 चैप्टर शामिल हैं, जिनमें पहली बार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर अलग से ध्यान दिया गया है। सर्वे में सोने-चांदी, जीएसटी सुधार, फिस्कल ग्लाइड और मुद्रा स्थिरता पर भी विश्लेषण किया गया है। अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था के मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद जताई गई है।
सर्वे में बताया गया कि राजकोषीय घाटा GDP का 4.8% रहा, जबकि विदेशी निवेशकों की निकासी और वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए नीतिगत बफ़र्स और विश्वसनीयता बनाए रखना जरूरी है। आर्थिक सर्वेक्षण बजट से पहले पेश किया जाने वाला दस्तावेज है, जो देश की विकास दर, महंगाई, रोजगार, व्यापार और वित्तीय स्वास्थ्य पर विस्तृत जानकारी प्रदान करता है। यह केंद्रीय वित्त मंत्रालय की टीम द्वारा तैयार किया जाता है।









