देश में इस मानसून सीजन के दौरान अल नीनो प्रभाव के चलते 23 जून तक सामान्य से लगभग 42 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने खरीफ फसलों को बचाने के लिए आपातकालीन तैयारियां तेज कर दी हैं। कृषि मंत्रालय ने 315 ऐसे जिलों की पहचान की है जहां वर्षा कम और सिंचाई की सुविधाएं सीमित हैं। इन जिलों के लिए राज्यों को अलग-अलग कार्ययोजनाएं बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमजोर मानसून को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की और पानी संरक्षण, फसल विविधीकरण तथा वैज्ञानिक तरीकों से बुआई पर जोर दिया। सरकार ने 2026 खरीफ सीजन के लिए लगभग 176 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य तय किया है। अब तक 22 जून तक 11.99 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई हो चुकी है, जो पिछले वर्ष से थोड़ी अधिक है, हालांकि सोयाबीन की बुआई में कमी देखी जा रही है।
इन 315 जिलों को सिंचाई क्षमता के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है। 111 जिले उच्च प्राथमिकता, 76 मध्यम और 128 कम संवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं। सरकार ने किसानों को कम पानी वाली फसलें, दालें, तिलहन और जलवायु अनुकूल बीज अपनाने की सलाह दी है। साथ ही फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड, जल संरक्षण और स्थानीय स्तर पर कृषि सलाह को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग ने कमजोर मानसून की स्थिति कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना जताई है।









