पश्चिम बंगाल की सियासत में नया मोड़ तब देखने को मिला जब Arvind Kejriwal ने पहली बार राज्य में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए Mamata Banerjee के समर्थन में खुलकर प्रचार किया। आम आदमी पार्टी में हालिया टूट के बाद यह उनकी पहली बड़ी जनसभा थी, जिसमें उन्होंने चुनाव को “लोकतंत्र और देश बचाने की लड़ाई” करार दिया।
सभा को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने Bharatiya Janata Party पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बंगाल की संस्कृति और अस्मिता को निशाना बना रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि भारी संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती यह दर्शाती है कि राज्य को डराने का प्रयास किया जा रहा है।
वोटर सूची में कथित गड़बड़ी को लेकर भी केजरीवाल ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि करीब 27 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जिसे उन्होंने “सोची-समझी साजिश” बताया। उन्होंने जनता से अपील की कि जिन लोगों के नाम कटे हैं, वे घर-घर जाकर ममता बनर्जी के समर्थन में माहौल बनाएं।
अपने भाषण में उन्होंने बंगाल के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि आज की लड़ाई भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। केजरीवाल ने यह भी कहा कि देशभर की नजरें इस चुनाव पर टिकी हैं और यह सिर्फ एक राज्य का चुनाव नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का प्रश्न है। अंत में उन्होंने भरोसा जताया कि तमाम चुनौतियों के बावजूद ममता बनर्जी जीत दर्ज करेंगी और जनता का समर्थन उनके साथ बना रहेगा।









