ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच एक गंभीर मामला सामने आया है। 26 वर्षीय प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी को कथित तौर पर बुधवार को फांसी दी जाएगी। अगर यह कदम लागू हुआ, तो यह ईरान में सरकार विरोधी आंदोलन से जुड़ी पहली आधिकारिक मौत की सजा होगी। इरफान पर सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शन में भाग लेने के आरोप लगे हैं और उन्हें मोहरेबेह यानी ‘ईश्वर के खिलाफ युद्ध’ के तहत मौत की सजा सुनाई गई।
मानवाधिकार संगठन इस फैसले को गंभीर कानून उल्लंघन मान रहे हैं। इरफान को अपना वकील चुनने की अनुमति नहीं दी गई, और उनके परिवार को केस की जानकारी तक देखने की इजाजत नहीं थी। चार दिन के भीतर ही अदालत ने सजा दे दी और परिवार को केवल 10 मिनट का संक्षिप्त मिलन ही दिया गया। ईरान ह्यूमन राइट्स ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है और चेतावनी दी है कि सामूहिक फांसी की शुरुआत हो सकती है। सोशल मीडिया पर #StopExecutionsInIran हैशटैग के तहत न्याय की मांग की जा रही है।
ईरान में प्रदर्शन दिसंबर 2025 के अंत में शुरू हुए थे और अब तक 646 लोग मारे जा चुके हैं। 10,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और इंटरनेट प्रतिबंध के कारण सही जानकारी बाहर नहीं आ पा रही। यह सजा प्रदर्शनकारियों में डर फैलाने और आंदोलन को दबाने का प्रयास माना जा रहा है।









