भारतीय वायुसेना के रणनीतिक रूप से अहम कार निकोबार एयरबेस के अपग्रेडेड रनवे का उद्घाटन आज चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने किया। यह कदम न केवल भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करता है, बल्कि पूर्वी हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सैन्य और सामरिक क्षमता को भी नई ऊंचाई देता है।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में स्थित यह एयरबेस मलक्का जलडमरूमध्य के बेहद करीब है, जहां से वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। कार निकोबार एयरबेस समुद्री निगरानी, त्वरित हवाई प्रतिक्रिया, पनडुब्बी रोधी अभियानों और तटीय रक्षा में अहम भूमिका निभाता है। यह अंडमान और निकोबार कमांड (एएनसी) के अंतर्गत आता है, जो भारत की एकमात्र त्रि-सेवा थिएटर कमांड है।
सीडीएस जनरल अनिल चौहान की यह यात्रा भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है, जिसके तहत उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की भू-रणनीतिक अहमियत, चल रहे बुनियादी ढांचा विकास और सेना, नौसेना, वायुसेना तथा तटरक्षक बल के बीच संयुक्त समन्वय की समीक्षा की और क्षेत्र में निगरानी, निवारण व त्वरित प्रतिक्रिया क्षमताओं को और सशक्त करने पर जोर दिया।









