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2025 में व्यापक सुधारों से भारत की विकास यात्रा को मिली नई रफ्तार: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 को भारत के लिए ऐतिहासिक और ‘परिवर्तनकारी सुधारों का वर्ष’ करार देते हुए कहा कि देश ने कराधान, श्रम, व्यापार, शिक्षा, ऊर्जा और ग्रामीण रोजगार सहित कई क्षेत्रों में व्यापक सुधारों के साथ ‘सुधारों की एक्सप्रेस’ पकड़ ली है। उन्होंने कहा कि ये सुधार विकसित भारत के निर्माण और दीर्घकालिक, समावेशी विकास की नींव मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। प्रधानमंत्री ने अपने लिंक्डइन पोस्ट में लिखा कि सुधार एक सतत राष्ट्रीय मिशन के रूप में आगे बढ़ाया गया है, जो पिछले 11 वर्षों की प्रगति पर आधारित है।

प्रमुख सुधारों में जीएसटी में 5% और 18% की सरल दो-स्तरीय संरचना, 12 लाख रुपये तक की आय वाले मध्यम वर्ग के करदाताओं को आयकर से राहत, लघु कंपनियों की परिभाषा का विस्तार, बीमा क्षेत्र में 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, पूंजी बाजारों में निवेशकों की सुरक्षा और अनुपालन सुधार, पांच नए समुद्री कानूनों से रसद व्यवस्था का आधुनिकीकरण, 29 पुराने श्रम कानूनों का चार आधुनिक श्रम संहिताओं में विलय, ग्रामीण रोजगार गारंटी को 125 दिन तक बढ़ाना और उच्च शिक्षा नियामक के माध्यम से संस्थागत स्वायत्तता, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना शामिल हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये सुधार छोटे व्यवसायों, युवा पेशेवरों, किसानों, श्रमिकों और मध्यम वर्ग की वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं और यह भारत को नियंत्रण-आधारित अर्थव्यवस्था से विश्वास-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने वाले एक दशक से चल रहे प्रयासों को गति देंगे, जिसमें नागरिक केंद्र में रहेगा।