न्यूज़ फिल्क्स भारत। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पराली जलाने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने का कि यदि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यूक्रेन युद्ध रोक सकते हैं जैसा कि उन्होंने विज्ञापन में दिखाया है तो क्या वह यहां पराली का धुआं नहीं रोक सकते? भगवंत मान ने कहा कि इस मसले पर उन्हें सभी राज्यों को एक साथ बैठाना चाहिए, मुआवजा देना चाहिए, विज्ञानियों को बुलाना चाहिए। पराली का मुद्दा किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है, यह पूरे उत्तर भारत का मुद्दा है।
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब के किसान पराली नहीं जलाना चाहते, किसान धान की खेती भी नहीं करना चाहते हैं परंतु वैकल्पिक फसल पर एमएसपी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से पराली की समस्या के व्यावहारिक समाधान के रूप में किसानों के लिए मुआवजे की मांग की, जो फसल खरीद का एक विकल्प हो सकता है। उन्होंने कहा कि जब धान की पैदावार होती है तो किसानों की प्रशंसा होती है परंतु पराली का क्या? फिर वे (एनजीटी) जुर्माना वसूलना चाहते हैं।
पराली के लगातार जलने से पंजाब के छह शहरों का एक्यूआई शुक्रवार को भी यलो जोन में रहा। इनमें सबसे अधिक 174 एक्यूआई मंडी गोबिंदगढ़ का दर्ज किया गया, जबकि अमृतसर का 154, बठिंडा का 115, जालंधर का 110, खन्ना का 109 और पटियाला का 114 दर्ज किया गया। वहीं लुधियाना का एक्यूआई 98 दर्ज किया गया। यह एक्यूआई मध्यम श्रेणी में है। डाॅक्टरों के मुताबिक इस एक्यूआई में खास तौर से दमा, फेफड़ों व दिल के रोगों से पीडित मरीजों को सांस लेने में समस्या हो सकती है।









