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IAF को मिलेगा नया ‘एयर बूस्टर’: 6 आधुनिक टैंकर विमानों से बढ़ेगी भारत की दूरमार ताक़त

भारतीय वायुसेना (IAF) अपनी क्षमताओं में एक बड़ा तकनीकी उछाल लेने जा रही है। सरकार ने छह मल्टी रोल टैंकर ट्रांसपोर्ट (MRTT) विमानों की खरीद को हरी झंडी दे दी है। लगभग 1.1 अरब डॉलर की इस परियोजना का उद्देश्य हवा में ईंधन भरने की मौजूदा सीमाओं को दूर करना और भारत की लंबी दूरी की हवाई संचालन क्षमता को नई मजबूती देना है।

ये नए विमान पुराने Il-78 टैंकरों की जगह लेंगे, जो दो दशक से अधिक समय से सेवा में हैं और रखरखाव संबंधी दिक्कतों के कारण अक्सर सीमित उपलब्धता झेलते रहे हैं। आधुनिक फाइटर जेट्स जैसे राफेल, Su-30MKI और तेजस के साथ बेहतर तालमेल बिठाने के लिए उन्नत प्लेटफॉर्म की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

नए MRTT विमान Boeing 767 श्रेणी पर आधारित होंगे और इनमें अत्याधुनिक एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग सिस्टम लगे होंगे। इससे लड़ाकू विमान अधिक समय तक हवा में रह सकेंगे, लंबी दूरी के मिशन अंजाम दे पाएंगे और हिंद-प्रशांत क्षेत्र सहित दूर-दराज इलाकों में प्रभावी ऑपरेशन संभव होगा। एक विमान हजारों किलोमीटर की उड़ान के साथ बड़ी मात्रा में ईंधन ट्रांसफर करने में सक्षम होगा, जिससे सामरिक लचीलापन कई गुना बढ़ जाएगा।

इस सौदे में ‘आत्मनिर्भर भारत’ की झलक भी साफ दिखती है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की भागीदारी के तहत इन विमानों का मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल देश में ही किए जाने की योजना है, जिससे घरेलू एयरोस्पेस इकोसिस्टम को बल मिलेगा।

रणनीतिक दृष्टि से यह कदम चीन और पाकिस्तान से लगी सीमाओं पर भारत की स्थिति को और मज़बूत करेगा, साथ ही हिंद महासागर क्षेत्र में वायुसेना की मौजूदगी और प्रभाव को भी नई धार देगा। कुल मिलाकर, यह खरीद केवल पुराने बेड़े का विकल्प नहीं, बल्कि IAF की भविष्य की एयर पावर का आधार बनने जा रही है।