Himachal

HPSEB के डिजिटल सुधारों से हिमाचल को 16.83 करोड़ रुपये की बचत, 29 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ

हिमाचल प्रदेश में राज्य विद्युत् बोर्ड लिमिटेड (एचपीएसइबीएल) में डिजिटल और प्रशासनिक सुधारों के परिणामस्वरूप हिमाचल को कुल 16.83 करोड़ रुपये की बचत होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह जानकारी दी और कहा कि ये सुधार सरकार की पारदर्शिता, तकनीकी आत्मनिर्भरता और वित्तीय अनुशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बिलिंग और एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) सेवाओं पर खर्च में 46 प्रतिशत की कमी आई है। सालाना खर्च 12.29 करोड़ रुपये से घटकर 6.68 करोड़ रुपये हो गया है, जिससे हर साल लगभग 5.61 करोड़ रुपये की सीधी बचत हो रही है। तीन वर्षों में यह बचत कुल 16.83 करोड़ रुपये तक पहुँच जाएगी, जिसे जन कल्याणकारी परियोजनाओं और आवश्यक सेवाओं में इस्तेमाल किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि डिजिटल सुधारों का लक्ष्य न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना है, बल्कि उपभोक्ताओं के लिए भी सेवाओं को सरल और पारदर्शी बनाना है। अब 29 लाख घरेलू, औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ता डिजिटल सुविधाओं से लाभान्वित होंगे। इनमें ऑनलाइन आवेदन, स्मार्ट बिलिंग, प्रीपेड सेवाएं, ऑनलाइन बिल भुगतान और डिजिटल शिकायत निवारण जैसी सेवाएँ शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि एचपीएसइबीएल में लागू एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण उपभोक्ता सेवाओं को मजबूत बनाने, बिलिंग और राजस्व वसूली में समय पर सुधार, तथा एटीएंडसी हानि कम करने में मदद करेगा। इसके अलावा स्मार्ट मीटरिंग, डेटा-आधारित निर्णय और बिज़नेस इंटेलिजेंस (BI) प्लेटफॉर्म का उपयोग बोर्ड की वित्तीय स्थिरता को और अधिक मजबूत करेगा। सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार का उद्देश्य संस्थाओं को आत्मनिर्भर, तकनीक-आधारित और जवाबदेह बनाना है, जिससे वर्ष 2027 तक हिमाचल प्रदेश का एक आधुनिक और आत्मनिर्भर ढांचा तैयार किया जा सके।