हरियाणा शहर में लंबे समय से जारी सीवर ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या को स्थायी रूप से हल करने के लिए नगर निगम ने बड़े पैमाने पर काम शुरू किया है। निगम क्षेत्र की 40 प्रमुख समस्याग्रस्त जगहों पर किए जा रहे कार्यों में अब तक करीब 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष कार्य अप्रैल 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में बताया गया कि संवेदनशील क्षेत्रों में बकेट मशीन, सुपर सकर और जेटिंग मशीनों के माध्यम से डी-सिल्टिंग का कार्य लगातार चल रहा है। कई वार्डों में सीवर ओवरफ्लो का स्थायी समाधान हो चुका है, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिली है।
मानसून से पहले 159 संभावित जलभराव स्थलों की पहचान कर निगम ने समाधान सुनिश्चित करने के लिए ड्रेनों से कनेक्टिविटी, इलेक्ट्रिफिकेशन, तालाब चैनलाइजेशन और रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की मरम्मत जैसे कार्य शामिल किए हैं। आयुक्त प्रदीप दहिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य समयसीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। धीमी प्रगति वाले क्षेत्रों में नोटिस और दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। निगम का लक्ष्य है कि बेहतर समन्वय और सतत निगरानी के जरिए शहरवासियों को सीवर और जलभराव की समस्या से राहत दिलाई जाए।









