Religion Uttrakhand

चारधाम यात्रा 2026 के लिए ऋषिकेश से पहली 10 बसें रवाना, 18 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण

उत्तराखंड में बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा का शनिवार से विधिवत शुभारंभ हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश से 10 बसों को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के लिए रवाना किया। 19 अप्रैल को कपाट खुलने के समय ये श्रद्धालु धामों में मौजूद रहेंगे। इस वर्ष अब तक 18.25 लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा के लिए पंजीकरण करवा चुके हैं। यात्रा को सुगम बनाने के लिए ऋषिकेश और हरिद्वार में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी शुरू कर दी गई है। इस बार सबसे पहले मध्यप्रदेश के शहडोल से 100 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया, जो यमुनोत्री और गंगोत्री के दर्शन करेंगे। पिछले वर्ष कुल 23 लाख श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था।

इस बार बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। मंदिर समिति के अनुसार, केवल हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध धर्म के अनुयायियों को ही प्रवेश दिया जाएगा, हालांकि इसके क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश अभी स्पष्ट नहीं किए गए हैं। केदारनाथ मंदिर में पूजा व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। अब श्रद्धालु गर्भगृह में फूल और गंगाजल अर्पित नहीं कर पाएंगे। विशेष पूजा दोपहर में नहीं होगी, बल्कि रात 11 बजे से सुबह 4 बजे के बीच ही संपन्न कराई जाएगी। यात्रा मार्ग पर वाहनों का संचालन सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक ही होगा।

सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से यात्रा मार्ग को 16 सुपरजोन में बांटा गया है और 54 हजार वाहनों के लिए 118 पार्किंग जोन बनाए गए हैं। साथ ही, 48 हॉल्टिंग प्वाइंट तैयार किए गए हैं, जहां आपदा की स्थिति में करीब 1.18 लाख लोग ठहर सकते हैं। भूस्खलन की आशंका वाले 80 स्थानों की पहचान कर वहां आपातकालीन टीमें भी तैनात की गई हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से स्वास्थ्य जांच करवाने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है, ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।