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EPFO की नई योजना: ‘गोल्डन विंडो’ के जरिए कर्मचारियों को EPF में शामिल करने का अवसर

कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) सिर्फ एक बचत खाता नहीं है, बल्कि नौकरीपेशा लोगों के लिए बुढ़ापे की सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार है। अक्सर जानकारी की कमी या नियोक्ता की लापरवाही के कारण कई कर्मचारी इस सुरक्षा कवच से वंचित रह जाते हैं। ऐसे कर्मचारियों और नियोक्ताओं को राहत देते हुए EPFO ने ‘कर्मचारी नामांकन योजना-2025’ (EES-2025) शुरू की है।

इस योजना के तहत, छह महीने की विशेष अनुपालन खिड़की (Special Compliance Window) खोली गई है, जिसमें नियोक्ता उन कर्मचारियों को EPF में शामिल कर सकते हैं, जिन्हें 1 जुलाई 2017 से 31 अक्टूबर 2025 के बीच नौकरी में रहते हुए EPF का लाभ नहीं मिला। यह एक तरह से कंपनियों के लिए ‘माफी योजना’ है, जो अब तक अपने कर्मचारियों का EPF योगदान नहीं काट पाई थीं।

योजना में नियोक्ताओं के लिए जुर्माना मात्र 100 रुपये रखा गया है। साथ ही, जिन कर्मचारियों का योगदान पहले नहीं काटा गया था, उन मामलों में नियोक्ता केवल अपना हिस्सा, धारा 7Q के तहत ब्याज और प्रशासनिक शुल्क जमा करेंगे। कर्मचारियों के पिछले योगदान की भरपाई से उन्हें छूट मिल सकती है, जिससे कंपनियों पर आर्थिक बोझ कम होगा और कर्मचारी अपने EPF लाभ का हक पा सकेंगे।