हमास ने इजराइल की उस योजना पर कड़ा आरोप लगाया है, जिसके तहत गाजा शहर के निवासियों को दक्षिणी गाजा में स्थानांतरित करने की तैयारी की जा रही है। हमास ने इसे “नरसंहार और विस्थापन की नई लहर” करार देते हुए कहा कि इजराइल मानवीय सहायता के नाम पर तंबू लगाकर अपने “क्रूर अपराध” को छिपाने की कोशिश कर रहा है।
इजराइली सेना का कहना है कि यह कदम नागरिकों को युद्धग्रस्त इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए उठाया जा रहा है। सेना ने दक्षिणी गाजा में तंबू और अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराने की घोषणा की है। हालांकि, हमास ने इस दावे को “सरासर धोखा” बताते हुए कहा कि इजराइल गाजा शहर पर बड़े हमले की तैयारी कर रहा है।
इजराइल की नई सैन्य योजना
इस महीने की शुरुआत में इजराइल ने ऐलान किया था कि वह उत्तरी गाजा के सबसे बड़े शहरी केंद्र—गाजा शहर—पर नियंत्रण पाने के लिए नया आक्रमण शुरू करेगा। इस घोषणा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि गाजा में लगभग 22 लाख लोग रहते हैं।
युद्ध और मानवीय संकट
गाजा युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ था, जब हमास ने दक्षिणी इजराइल पर हमला किया था। उस हमले में 1,200 लोग मारे गए और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था। अनुमान है कि इनमें से करीब 20 बंधक अब भी गाजा में जिंदा हैं।
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय का दावा है कि अब तक इजराइली हमलों में 61,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। लगातार जारी हमलों और नाकेबंदी के कारण गाजा में भुखमरी का संकट गहराता जा रहा है। अधिकांश आबादी विस्थापित हो चुकी है और पूरा इलाका खंडहर में बदल गया है।









