दिल्ली के चर्चित BMW एक्सीडेंट मामले में पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट ने कई चौंकाने वाले तथ्य सामने रखे हैं। जांच के अनुसार यह मामला सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि गंभीर लापरवाही और जानबूझकर की गई देरी का भी हो सकता है। मृतक नवजोत सिंह, जो वित्त मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी थे, उनकी मौत को लेकर दिल्ली पुलिस ने BNS की कई धाराओं में चार्जशीट पेश की है।
करीब 400 पन्नों की इस चार्जशीट में 34 गवाहों के बयान शामिल हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि हादसे के बाद नवजोत सिंह करीब 15 मिनट तक जीवित थे और समय पर इलाज मिलने पर उनकी जान बच सकती थी। पुलिस का कहना है कि पास में मौजूद दिल्ली कैंट अस्पताल और AIIMS ट्रॉमा सेंटर की बजाय घायल को करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित एक छोटे निजी अस्पताल ले जाया गया, जिससे ‘गोल्डन आवर’ बेकार चला गया।
चार्जशीट में यह भी आरोप है कि मौके पर एम्बुलेंस मौजूद होने के बावजूद उसका इस्तेमाल नहीं किया गया। अस्पताल और आरोपी पक्ष के बीच दूर के रिश्तों की भी जांच की जा रही है। इसके अलावा BMW की स्पीड को लेकर तकनीकी रिपोर्ट मंगाई गई है और मेडिकल रिकॉर्ड में गड़बड़ी की आशंका भी जताई गई है। पुलिस के मुताबिक, यह मामला अब अदालत के फैसले पर निर्भर करेगा।









