हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पर्यटन विभाग की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की और कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार को राज्य के पर्यटन और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण के तहत 460 करोड़ रुपये पहले ही लाभार्थियों को वितरित किए जा चुके हैं, जबकि शेष 1899 करोड़ रुपये की राशि जल्द ही बांटी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हवाई अड्डे के विस्तार से न केवल कांगड़ा जिले की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि आसपास के जिलों में भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से उच्च श्रेणी के पर्यटक आकर्षित होंगे और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही, यह परियोजना हाई-एंड पर्यटन को बढ़ावा देने में भी मदद करेगी।
सुक्खू ने राज्य में निर्माणाधीन हेलिपोर्ट परियोजनाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि संजौली और रामपुर हेलीपोर्ट के लिए डीजीसीए से परिचालन प्राधिकरण मिल चुका है और शेष औपचारिकताएं पूरी कर जल्द ही संचालन शुरू किया जाएगा। इसके अलावा, मंडी के कंगनीधार, कांगड़ा के रक्कड़ और पालमपुर, कुल्लू के सुल्तानपुर, किन्नौर के रिकांगपिओ और हमीरपुर के जसकोट में बने अन्य हेलीपोर्ट की प्रगति की समीक्षा की गई और अगले वर्ष तक निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने बिलासपुर जिले में औहर पर्यटन परिसर की प्रगति का भी जायजा लिया, जो अब तक लगभग 46 प्रतिशत पूरा हो चुका है, और इसे शीघ्र पूरा करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने एशियाई विकास बैंक के वित्त पोषण से चल रही अन्य पर्यटन परियोजनाओं की समीक्षा भी की और निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। सुक्खू ने कहा कि पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। बेहतर हवाई संपर्क और हेलिपोर्ट परियोजनाओं से हिमाचल में पर्यटन को नई गति मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।









