जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकियों के खिलाफ चल रहे एक बड़े अभियान के दौरान भारतीय सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। रविवार रात शुरू हुए ऑपरेशन के दौरान सेना के हवलदार गजेंद्र सिंह वीरगति को प्राप्त हो गए। यह कार्रवाई सेना की व्हाइट नाइट कोर द्वारा संचालित की जा रही है, जिसे ‘ऑपरेशन त्रिशी-I’ नाम दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, छात्रू इलाके के सोनार क्षेत्र में सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टुकड़ी तलाशी अभियान पर निकली थी। इसी दौरान पहले से छिपे आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ बेहद कठिन हालात में हुई, जहां दुर्गम पहाड़ी रास्तों और घने जंगलों के बीच जवानों ने मोर्चा संभाला।
इससे पहले हुई झड़प में सात सैनिक घायल हो गए थे, जिन्हें तुरंत सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने आतंकियों के एक ठिकाने को नष्ट कर दिया और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है।
सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि मुठभेड़ में शामिल आतंकी पाकिस्तान समर्थित जैश-ए-मोहम्मद नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। आतंकियों ने भागने की कोशिश में ग्रेनेड भी फेंके, लेकिन सेना ने मोर्चा संभाले रखा। फिलहाल इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है और आधुनिक तकनीकी उपकरणों की मदद से आतंकियों की सटीक मौजूदगी का पता लगाने का प्रयास जारी है। सेना के अनुसार अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है और आतंकियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।









