भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक भावुक वीडियो के जरिए उन्होंने अपने फैसले की जानकारी दी। इसके साथ ही भारतीय क्रिकेट के एक भरोसेमंद और शांत स्वभाव के खिलाड़ी का लगभग दो दशक लंबा अंतरराष्ट्रीय सफर समाप्त हो गया।
अपने संदेश में रहाणे ने कहा कि हर खिलाड़ी के जीवन में एक समय ऐसा आता है, जब उसे आगे बढ़ने का निर्णय लेना पड़ता है। उन्होंने बताया कि बचपन से भारत के लिए खेलने का सपना देखा था और टीम इंडिया की जर्सी पहनना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा। उन्होंने हमेशा मेहनत, अनुशासन और ईमानदारी को अपनी सफलता का आधार माना।
रहाणे ने स्वीकार किया कि उनके करियर में कई यादगार पल आए, तो मुश्किल दौर भी देखने को मिले। इसके बावजूद उन्होंने हर चुनौती का सामना पूरी निष्ठा से किया और कहा कि प्रशंसकों का प्यार व समर्थन हमेशा उनकी सबसे बड़ी ताकत बना रहा।
टेस्ट क्रिकेट में रहाणे ने 85 मैचों में 5,077 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया को उसकी धरती पर 2-1 से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। इसके अलावा उन्होंने 90 वनडे में 2,962 और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 375 रन बनाए।
संन्यास की घोषणा के दौरान रहाणे ने बीसीसीआई, मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन, अपने साथियों, कोच, परिवार और प्रशंसकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने संकेत दिया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद भी वह खेल से जुड़े रहेंगे और युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे


