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AIIMS स्टडी का बड़ा खुलासा: कोरोना वैक्सीन और युवाओं की अचानक मौतों में कोई संबंध नहीं

क्या कोरोना वैक्सीनेशन और युवाओं में अचानक हो रही मौतों के बीच कोई संबंध है—इस सवाल पर दिल्ली AIIMS की एक अहम ऑटोप्सी आधारित स्टडी ने स्पष्ट जवाब दिया है। अध्ययन में कोविड-19 वैक्सीनेशन और 18 से 45 वर्ष के युवाओं की अचानक मौतों के बीच कोई वैज्ञानिक या सांख्यिकीय संबंध नहीं पाया गया। यह रिसर्च इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित हुई है और कोविड वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावों की पुष्टि करती है।

इस अध्ययन में मौखिक ऑटोप्सी, पोस्टमार्टम इमेजिंग, पारंपरिक ऑटोप्सी और हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच को शामिल किया गया। फोरेंसिक विशेषज्ञों, पैथोलॉजिस्ट्स, रेडियोलॉजिस्ट्स और क्लिनिशियनों की संयुक्त टीम ने मई 2023 से अप्रैल 2024 के बीच AIIMS दिल्ली में यह शोध किया। कुल 2,214 शवों में से 180 मामलों को अचानक मौत की श्रेणी में रखा गया, जबकि दुर्घटना, आत्महत्या, हत्या और नशे से जुड़े मामलों को बाहर कर दिया गया।

रिसर्च में सामने आया कि युवाओं और 46–65 वर्ष के वयस्कों में कोविड संक्रमण और टीकाकरण का इतिहास लगभग समान था। अचानक मौतों का सबसे प्रमुख कारण कोरोनरी आर्टरी डिजीज रहा, इसके बाद श्वसन संबंधी और अन्य गैर-हृदय कारण पाए गए। AIIMS के प्रोफेसर डॉ. सुधीर अरावा के अनुसार, युवाओं में अचानक मौतों के पीछे छिपे हृदय रोग बड़ी वजह हैं, जिनकी समय रहते पहचान और बेहतर जीवनशैली बेहद जरूरी है।