प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में रेलवे कर्मचारियों, सामाजिक सुरक्षा और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने रेलवे के करीब 11.40 लाख कर्मचारियों को 78 दिन का उत्पादकता आधारित बोनस देने की मंजूरी दी है। इसके अलावा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को पांच साल तक जारी रखने और IDBI बैंक की रणनीतिक बिक्री को भी स्वीकृति दी गई है।
रेलवे कर्मचारियों को मिलेगा 17,951 रुपये तक बोनस
कैबिनेट ने गैर-राजपत्रित रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के वेतन के बराबर उत्पादकता आधारित बोनस (PLB) को मंजूरी दी है। इस पर सरकार 2,009.61 करोड़ रुपये खर्च करेगी। पात्र कर्मचारियों को अधिकतम 17,951 रुपये मिलेंगे। इसमें ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, स्टेशन मास्टर, तकनीशियन, ट्रेन मैनेजर और अन्य ग्रुप-सी कर्मचारी शामिल हैं।
IDBI बैंक की 60.72% हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी
बैंकिंग क्षेत्र में सरकार ने IDBI बैंक की 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी 52,878.08 करोड़ रुपये में बेचने को मंजूरी दी है। यह हिस्सेदारी Fairfax Financial Holdings की सहायक कंपनी को दी जाएगी। इसमें केंद्र सरकार की 30.48 प्रतिशत और LIC की 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी शामिल है। सौदे के बाद सरकार के पास 15 प्रतिशत और LIC के पास 19 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी।
सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम के लिए 53,428 करोड़ रुपये
कैबिनेट ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 53,428 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। इससे करीब 3.20 करोड़ लाभार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। दिव्यांगजन पेंशन के लिए निर्धारित दिव्यांगता का मानदंड 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। सहायता राशि 79 वर्ष तक के लाभार्थियों के लिए 375 रुपये और 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र वालों के लिए 625 रुपये निर्धारित की गई है। इन फैसलों से रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन, बैंकिंग निवेश और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने की सरकार की मंशा सामने आई है।


