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CJP के तीन नेता रिहा, आशुतोष रांका बोले- ‘यह लड़ाई अभी शुरू हुई है’

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके समेत पार्टी के दो अन्य कार्यकर्ता सौरव दास और आशुतोष रांका दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहा हो गए हैं। रविवार सुबह तीनों को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन से रिहा किया गया। उनकी रिहाई के बाद आशुतोष रांका और सौरव दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और विरोध प्रदर्शन करने वाले लोगों के साथ कथित व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि उन्हें विमान से ही हिरासत में ले लिया गया था। उन्होंने पिछले 72 घंटों के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने जिस आपातकाल के बारे में सुना था, उससे भी खराब अनुभव इन घंटों के दौरान हुआ। उन्होंने यह भी दावा किया कि विरोध प्रदर्शन करना चाह रहे हजारों लोगों को पकड़ा गया और ट्रेनों को भी बंद किया गया।

रांका ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आयोग भारतीय जनता पार्टी के लिए काम कर रहा है। उन्होंने अभिजीत दिपके की दादी के निधन का जिक्र करते हुए कहा कि इस दुखद खबर के बावजूद पुलिस का रवैया संवेदनहीन रहा। उनके मुताबिक, अभिजीत को अपने भाई से बात करने की अनुमति भी नहीं दी गई।

रांका ने कहा कि अभिजीत अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभिजीत अपने निजी दुख को राजनीतिक आयोजन का रूप नहीं देना चाहता था। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी का विरोध अभी खत्म नहीं हुआ है और उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को 10 अक्टूबर को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत एहतियातन हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने बताया कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया और तीनों को 11 अक्टूबर को दिल्ली कैंट की विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) अदालत में पेश किया गया। इसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।