भारत के चुनाव आयोग को लेकर जारी विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने तीन बड़ी मांगें सामने रखी हैं। गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि 48 घंटे के भीतर इस्तीफा नहीं दिया जाता है, तो CJP विरोध प्रदर्शन शुरू करेगा। संगठन ने इसके साथ ही स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) प्रक्रिया पर रोक लगाने और आगामी चुनावों को भी स्थगित करने की मांग की है।
दिपके ने चुनाव आयोग से जुड़ी हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं और इससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। उनके मुताबिक, 13 करोड़ से अधिक वोट हटाए जाने का दावा सामने आया है। उन्होंने इसे 2024 के लोकसभा चुनाव में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच रहे लगभग 2 प्रतिशत के अंतर से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि क्या मतदाता सूची में बदलाव का चुनावी परिणामों पर प्रभाव पड़ा।
CJP संस्थापक ने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के पूर्ण बहुमत से पीछे रहने के बाद कई क्षेत्रीय नेताओं और विपक्षी ताकतों को निशाना बनाया गया। उन्होंने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और दिल्ली समेत कई राज्यों के उदाहरण देते हुए दावा किया कि प्रमुख नेताओं के निर्वाचन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में वोट हटाए गए, जबकि चुनावी हार का अंतर अपेक्षाकृत कम था। दिपके ने यह भी आरोप लगाया कि केरल में मतदाता सूची में बदलाव का असर पिनाराई विजयन की राजनीतिक स्थिति पर पड़ा। हालांकि, ये सभी दावे CJP की ओर से लगाए गए आरोप हैं। उन्होंने कहा कि संगठन किसी विशेष राजनीतिक दल के पक्ष में नहीं है, लेकिन लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष और पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया जरूरी है। उन्होंने चुनाव आयोग से मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।


