West Bengal

पश्चिम बंगाल में 250 मदरसों पर बंदी की तैयारी, 1.51 लाख सरकारी भर्तियों को कैबिनेट की मंजूरी

पश्चिम बंगाल सरकार ने शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा के तहत कम छात्र संख्या और खराब बुनियादी सुविधाओं वाले करीब 250 सरकारी मान्यता प्राप्त निजी मदरसों को चरणबद्ध तरीके से बंद करने का फैसला किया है। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, इन संस्थानों को मौजूदा शैक्षणिक सत्र दिसंबर 2026 तक संचालित करने की अनुमति दी गई है, ताकि वहां पढ़ रहे छात्रों की पढ़ाई अचानक प्रभावित न हो। सत्र समाप्त होने के बाद इन्हें औपचारिक रूप से बंद करने की प्रक्रिया शुरू होगी।

सरकार की ओर से यह कदम राज्यभर में मदरसों के इंफ्रास्ट्रक्चर, पंजीकरण और प्रशासनिक स्थिति की समीक्षा के बाद उठाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, बंद किए जाने वाले मदरसों में बड़ी संख्या ऐसे संस्थानों की है जहां नामांकन बेहद कम है और जरूरी सुविधाओं का भी अभाव पाया गया है। संबंधित संस्थानों से रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले सरकार करीब 252 गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को बंद करने के आदेश जारी कर चुकी है। वहीं, लगभग 100 अन्य संस्थानों को कारण बताओ नोटिस भेजे गए हैं। राज्य में करीब 2,500 बिना पंजीकरण वाले मदरसों की भी जांच चल रही है।

कैबिनेट ने इसके अलावा करीब 1.51 लाख सरकारी पदों पर भर्ती के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसमें पश्चिम बंगाल पुलिस के 12,000 और कोलकाता पुलिस के 4,000 पद शामिल हैं। सरकार ने विभागों को भर्ती प्रक्रिया में आ रही अड़चनों को दूर करने और खाली पदों को जल्द भरने के निर्देश दिए हैं। बैठक में पूर्ब मेदिनीपुर के निमतौरी में नए सुधार गृह के निर्माण को भी मंजूरी दी गई। साथ ही AYUSH के लिए अलग विभाग बनाने और आश्रम हॉस्टलों के अनुदान को 1,800 रुपये से बढ़ाकर 3,300 रुपये करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।