प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 76 वर्ष के हो गए हैं। 7 सितंबर 1950 को जन्मे मोदी को जन्मदिन के मौके पर देश और दुनिया से शुभकामनाएं मिल रही हैं। प्रधानमंत्री के रूप में उनके करीब 12 साल के कार्यकाल में उनकी कार्यशैली के साथ संवाद करने का अंदाज भी लगातार बदलता रहा है। उनकी सार्वजनिक छवि में संचार कौशल एक प्रमुख पहलू के रूप में सामने आता है। मोदी अलग-अलग आयु वर्गों से जुड़ने के लिए अलग माध्यम और भाषा का इस्तेमाल करते हैं। युवाओं के बीच सोशल मीडिया, तकनीक और AI जैसे विषयों के जरिए संवाद करते हैं, जबकि महिलाओं और परिवारों से जुड़ने के लिए ‘लखपति दीदी’ जैसे अभियानों और आत्मीय संबोधनों का सहारा लेते हैं। ‘मन की बात’ के जरिए वे रेडियो पर आम लोगों, ग्रामीण नवाचारों और स्थानीय नायकों की कहानियों को सामने रखते हैं।
युवाओं से संवाद का एक प्रमुख मंच ‘परीक्षा पे चर्चा’ भी है। इसमें वे छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से परीक्षा के तनाव, आत्मविश्वास और पढ़ाई से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करते हैं। 2026 के संस्करण में करोड़ों लोगों के पंजीकरण ने इस कार्यक्रम के व्यापक पहुंच को रेखांकित किया। सोशल मीडिया पर भी मोदी की मौजूदगी चर्चा में रहती है। जुलाई 2026 में वडोदरा में एक कार्यक्रम के दौरान उनका रैम्प पर चलना युवाओं के बीच संवाद के नए प्रयोग के तौर पर देखा गया। इसी तरह ‘चाय पर चर्चा’ से लेकर युवाओं के साथ AI और तकनीक पर बातचीत तक, उनके संवाद के मंच समय के साथ बदलते रहे हैं। उनके भाषणों में स्थानीय भाषाओं का इस्तेमाल, छोटे उदाहरण और कहानियां तथा ‘मेरे परिवारजनों’ जैसे संबोधन भी लोगों से जुड़ने की कोशिश का हिस्सा रहे हैं। यही संवाद शैली उन्हें अलग-अलग पीढ़ियों तक अपनी बात पहुंचाने में मदद करती है।


