सत्य निकेतन में छात्र पीजी की इमारत ढहने की घटना के बाद दिल्ली सरकार ने छात्र आवास और सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर कई अहम फैसले किए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 10 हजार छात्रों के लिए हॉस्टल बनाने की घोषणा की है। इन हॉस्टलों में लड़के और लड़कियां दोनों रह सकेंगे।
सरकार के मुताबिक, हॉस्टल निर्माण के लिए विभिन्न विभागों के साथ काम शुरू किया गया है। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में उपलब्ध जमीन की पहचान के लिए सर्वे कराया जाएगा और जरूरत पड़ने पर जमीन भी उपलब्ध कराई जाएगी। निर्माण में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर भी विचार किया जा रहा है। साथ ही हॉस्टल के संचालन, सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर नई नीति तैयार की जा रही है।
यह फैसला सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद आया है। हादसे के बाद दिल्ली में छात्रों के लिए सुरक्षित और किफायती आवास की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया। इसके अलावा दिल्ली सरकार ने पहले चरण में 500 आधुनिक सार्वजनिक शौचालय ब्लॉक बनाने के लिए 266.26 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इन्हें बाजारों, प्रमुख मार्गों, पर्यटन और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में बनाया जाएगा। इन सुविधाओं में सीसीटीवी, सोलर पैनल, रैंप और सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन जैसी व्यवस्थाएं प्रस्तावित हैं।


