हाईवे पर सफर करने वाले करोड़ों वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार देशभर के टोल प्लाजा को बैरियर-फ्री बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक, मार्च 2027 तक नेशनल हाईवे के सभी टोल बूथ बैरियर-फ्री किए जाने का लक्ष्य है। इससे वाहन चालकों को टोल पर रुकने और लंबी कतार में फंसने से राहत मिलेगी।
सरकार इस व्यवस्था में फास्टैग के साथ ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक का इस्तेमाल करेगी। इसके तहत हाई-टेक कैमरे वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन करेंगे और टोल की राशि सीधे वाहन से जुड़े खाते से काट ली जाएगी। इस तकनीक पर आधारित मल्टी-लेन फ्री-फ्लो (MLFF) सिस्टम का परीक्षण मुंबई के एक टोल प्लाजा पर भी किया जा चुका है।
सरकार के अनुसार, दिसंबर 2026 तक 70 फीसदी से अधिक टोल बूथ को बैरियर-फ्री बनाने का लक्ष्य है। वर्तमान में देश में 13 करोड़ से ज्यादा फास्टैग जारी किए जा चुके हैं और नेशनल हाईवे पर इसकी पहुंच 98 फीसदी से अधिक है।
इस सिस्टम से समय और ईंधन दोनों की बचत होने की उम्मीद है। गडकरी के अनुसार, पहले टोल प्लाजा पर वाहनों को औसतन 12 मिनट तक रुकना पड़ता था। बैरियर-फ्री व्यवस्था से हर साल करीब 5,250 करोड़ रुपये के ईंधन की बचत हो सकती है। साथ ही, तेज और डिजिटल टोल कलेक्शन से सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।


