नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव कार्यों में भारत लगातार सहयोग कर रहा है। इसी कड़ी में भारत ने बाढ़ प्रभावित बेट्रावती क्षेत्र में संपर्क व्यवस्था बहाल करने के लिए 70 मीटर लंबे बेली ब्रिज के पुर्जों की पहली खेप नेपाल भेजी है। यह खेप शनिवार को हेटौडा में नेपाल के रोड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट को सौंपी गई।
नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बताया कि आने वाले दिनों में पुल के अन्य जरूरी पुर्जों की खेप भी नेपाल पहुंचाई जाएगी। भारतीय दूतावास के मुताबिक, प्रस्तावित बेली ब्रिज हाल में आई अचानक बाढ़ से प्रभावित बेट्रावती इलाके में सड़क संपर्क बहाल करने में अहम भूमिका निभाएगा। बेली ब्रिज एक पोर्टेबल और मॉड्यूलर स्टील ट्रस ब्रिज होता है, जिसे कम समय में तैयार किया जा सकता है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में इसका इस्तेमाल तेजी से अस्थायी संपर्क बहाल करने के लिए किया जाता है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत अब तक नेपाल को 130 टन से अधिक राहत सामग्री उपलब्ध करा चुका है। इसके अलावा 54 विशेषज्ञों को राहत, बचाव और फोरेंसिक कार्यों के लिए तैनात किया गया है। भारत ने सुरंग और कीचड़ में बचाव के लिए विशेष उपकरण, डीएनए किट, फोरेंसिक सामग्री, अस्थायी आश्रय, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाएं भी भेजी हैं। भारतीय वायुसेना ने राहत सामग्री पहुंचाने के लिए कम से कम आठ विशेष उड़ानें संचालित की हैं। भारत ने नेपाल के बचाव, राहत और पुनर्निर्माण प्रयासों में आगे भी सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है।


