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राहुल गांधी के बयान से जुड़े केस में SC ने जल्द सुनवाई से किया इनकार, CJI बोले- कोर्ट में सब बराबर

भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी की ओर से भारतीय सेना और चीन के सैनिकों को लेकर दिए गए कथित बयान से जुड़े मामले में 9 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। मामले में राहुल गांधी से जुड़ी आपराधिक कार्यवाही को चुनौती दी गई है। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से मामले को जल्द सुनने की मांग की गई, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस मांग को तत्काल स्वीकार नहीं किया। शिकायतकर्ता के वकील और वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत के समक्ष दलील रखी कि इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई के लिए अलग से सूचीबद्ध किया जाए। उन्होंने कहा कि मामला कई बार टल चुका है और तय तारीखों पर याचिकाकर्ता के उपस्थित नहीं होने के कारण सुनवाई आगे नहीं बढ़ पाई।

गौरव भाटिया ने कोर्ट को यह भी बताया कि करीब पांच महीने पहले मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हुआ था, लेकिन उस समय भी सुनवाई नहीं हो सकी। उन्होंने जोर देकर कहा कि राहुल गांधी किसी विशेष श्रेणी के व्यक्ति नहीं हैं और इसलिए मामले को अन्य मामलों से अलग रखकर जल्द सुनवाई की जानी चाहिए। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि अदालत में सभी पक्षों के साथ समान व्यवहार होता है। किसी व्यक्ति की राजनीतिक या सार्वजनिक हैसियत के आधार पर सुनवाई में प्राथमिकता नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने कहा कि हर मामले के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। सीजेआई ने शिकायतकर्ता के वकील से कहा कि अगर वह मामले की जल्द सुनवाई चाहते हैं तो इसके लिए विधिवत आवेदन दाखिल करें। आवेदन मिलने के बाद अदालत उस पर विचार करेगी। सुप्रीम कोर्ट के इस रुख से साफ है कि राहुल गांधी से जुड़े इस मामले में भी नियमित न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही आगे की कार्रवाई होगी और बिना औपचारिक आवेदन के सुनवाई को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी।