अमेरिका में काम कर रहे भारतीय पेशेवरों के लिए ग्रीन कार्ड हासिल करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। नेशनल फाउंडेशन फॉर अमेरिकन पॉलिसी (NFAP) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2026 या उसके बाद रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले भारतीयों को EB-2 श्रेणी में संभावित रूप से 179 साल तक इंतजार करना पड़ सकता है।
रिपोर्ट में अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (USCIS) के आंकड़ों के आधार पर EB-1, EB-2 और EB-3 श्रेणियों के लंबित मामलों का विश्लेषण किया गया है। भारतीय आवेदकों के लिए EB-3 श्रेणी में अनुमानित प्रतीक्षा अवधि करीब 38 साल, जबकि EB-1 में लगभग 4 से 5 साल बताई गई है। वहीं, चीनी आवेदकों के लिए EB-2 में करीब 25 साल और EB-3 में लगभग 7 साल का इंतजार अनुमानित है।
NFAP के अनुसार, दिसंबर 2025 तक करीब 12.6 लाख रोजगार आधारित आव्रजन मामले लंबित थे। इनमें लगभग 10 लाख भारतीय नागरिक शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड की सीमित संख्या और प्रति देश 7 प्रतिशत की सीमा इस लंबे बैकलॉग की प्रमुख वजहों में शामिल हैं। हालांकि, 179 साल का आंकड़ा एक अनुमान है और मौजूदा नियमों व बैकलॉग पर आधारित है। वास्तविक प्रतीक्षा अवधि भविष्य में नीतिगत बदलाव और ग्रीन कार्ड उपलब्धता के अनुसार बदल सकती है।


