उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हैं। इसी के साथ नेताओं के बीच जुबानी जंग भी बढ़ती जा रही है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के ‘चवन्नी से रुपया बना दिया’ वाले बयान को लेकर अब राष्ट्रीय लोकदल (RLD) अध्यक्ष जयंत चौधरी और बसपा प्रमुख मायावती ने उन पर निशाना साधा है। जयंत चौधरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव के बयान पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अगर राजनीतिक लड़ाई में सस्ते शब्दों का इस्तेमाल करना ही था तो उनका नाम लेकर बात कही जा सकती थी। जयंत ने आरोप लगाया कि जाट समाज को निशाना बनाना और यह कहना कि उन्होंने किसी को राजनीति की ABCD सिखाई, अहंकार को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे रवैये का परिणाम आखिरकार राजनीतिक पतन के रूप में सामने आता है।
वहीं मायावती ने भी अखिलेश यादव के बयान को अमर्यादित और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख को RLD और उसके नेता के साथ-साथ पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के परिवार तथा पूरे जाट समाज से माफी मांगनी चाहिए। मायावती ने सपा के पुराने गठबंधन इतिहास का जिक्र करते हुए पार्टी पर राजनीतिक संकीर्णता और जातिवादी रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने 1993 के सपा-बसपा गठबंधन के टूटने और 1995 के लखनऊ गेस्ट हाउस कांड का भी उल्लेख किया।
बसपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि सपा गठबंधन के दौरान अपना राजनीतिक हित साधती है और बाद में सहयोगियों के खिलाफ बयानबाजी शुरू कर देती है। उन्होंने जनता से सपा की कथित संकीर्ण और जातिवादी राजनीति से सावधान रहने की अपील की। दरअसल, अखिलेश यादव ने एक रैली में कहा था कि गठबंधन में कई ऐसे साथी उनके साथ आए, जिन्हें उन्होंने ‘चवन्नी से रुपया’ बनाया, लेकिन वे बाद में उनका साथ छोड़कर चले गए।


