देशभर में चर्चा का विषय बने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जांच में बड़ा कदम उठाते हुए 13 आरोपियों के खिलाफ राउज एवेन्यू कोर्ट में करीब 20 हजार पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी ने अदालत को बताया कि चार्जशीट के साथ संलग्न कई दस्तावेजों की स्कैनिंग का काम अभी जारी है, जिन्हें जल्द ही रिकॉर्ड पर पेश किया जाएगा। कोर्ट ने शेष दस्तावेज दाखिल करने के लिए समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त तय की है।
CBI की ओर से दायर आरोप पत्र में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एजेंसी के अनुसार सभी 13 आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए हैं।
जांच के दौरान CBI ने 360 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। इसके अलावा 422 दस्तावेज और 43 भौतिक साक्ष्यों को चार्जशीट का हिस्सा बनाया गया है। एजेंसी का दावा है कि डिजिटल फोरेंसिक जांच, हस्तलेख विशेषज्ञों की रिपोर्ट और तकनीकी विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र के कुछ हिस्से लीक किए गए थे और आरोपियों की इसमें सक्रिय भूमिका थी।
मामले की जांच के लिए CBI ने 72 अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीम गठित की थी, जिसमें साइबर फोरेंसिक विशेषज्ञ भी शामिल थे। जांच के दौरान महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली समेत कई राज्यों में 92 स्थानों पर छापेमारी कर मोबाइल फोन, कंप्यूटर, डिजिटल उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए।
CBI ने यह भी बताया कि NTA से जुड़े तीन विषय विशेषज्ञों और कोचिंग संस्थानों से जुड़े दो लोगों की कथित भूमिका सामने आई है। वहीं, मनी ट्रेल की जांच के तहत कई बैंक खाते, लॉकर और एक डीमैट खाता फ्रीज किए गए हैं। एजेंसी का कहना है कि पेपर लीक से जुड़े पूरे नेटवर्क की पहचान कर ली गई है और जांच अभी भी जारी है। मामले में आगे की सुनवाई 3 अगस्त को होगी।


