National

वंदे मातरम् के अपमान पर सख्त कानून की तैयारी, संसद में आएगा नया संशोधन विधेयक

केंद्र सरकार आगामी संसद के मानसून सत्र में राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में संशोधन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है। प्रस्तावित संशोधन के तहत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के अपमान, इसके गायन में जानबूझकर बाधा डालने या सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान व्यवधान उत्पन्न करने को दंडनीय अपराध बनाने का प्रस्ताव है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस संशोधन विधेयक को सबसे पहले राज्यसभा में पेश कर सकते हैं। प्रस्ताव में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर ‘वंदे मातरम्’ के गायन को रोकने, बाधित करने या कार्यक्रम में हंगामा करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी। ऐसे मामलों में अधिकतम तीन वर्ष तक की जेल का प्रावधान प्रस्तावित है।

सरकार का मानना है कि जिस प्रकार राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ को कानून के तहत विशेष संरक्षण और सम्मान प्राप्त है, उसी तरह राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी समान कानूनी संरक्षण मिलना चाहिए। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम में संशोधन लाने की पहल की जा रही है। लोकसभा सचिवालय के बुलेटिन में इस विधेयक को संसद में पेश करने, उस पर चर्चा करने और पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। हालांकि, विधेयक का अंतिम स्वरूप और सभी प्रावधान संसद में पेश होने के बाद ही स्पष्ट होंगे। सरकारी सूत्रों का दावा है कि इस विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार के पास पर्याप्त समर्थन मौजूद है और आवश्यकता पड़ने पर अन्य दलों का सहयोग भी मिल सकता है। इसके अलावा मानसून सत्र में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (FCRA Amendment Bill) पर भी चर्चा और पारित कराने की तैयारी की जा रही है, जिसे पहले बजट सत्र में पेश किया गया था, लेकिन उस समय अंतिम निर्णय नहीं हो पाया था।