केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में जुलाई 2026 से होने वाली संभावित बढ़ोतरी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत हो चुका है और अब अगली संशोधित दर का इंतजार किया जा रहा है। मई 2026 तक जारी ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के आंकड़ों के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार DA में 3 से 4 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि अंतिम फैसला जून 2026 के आंकड़े और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा। वित्त मंत्रालय ने अप्रैल 2026 में 1 जनवरी 2026 से प्रभावी 2 प्रतिशत DA बढ़ोतरी की घोषणा की थी, जिसके बाद महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया था। इस फैसले का लाभ लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनरों को मिला था।
मई 2026 में AICPI-IW इंडेक्स 149.9 से बढ़कर 150.8 पर पहुंच गया है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि महंगाई भत्ते में एक और बढ़ोतरी संभव है। यदि जून का इंडेक्स भी इसी रफ्तार से बढ़ता है तो औसत इंडेक्स के आधार पर DA करीब 63.7 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। चूंकि सरकार महंगाई भत्ते को सामान्यतः राउंड ऑफ कर लागू करती है, इसलिए 3 या 4 प्रतिशत बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार DA की गणना पिछले 12 महीनों के AICPI-IW के औसत के आधार पर की जाती है। केंद्र सरकार साल में दो बार महंगाई भत्ते की समीक्षा करती है। पहली बढ़ोतरी जनवरी और दूसरी जुलाई से लागू होती है। जुलाई 2026 की बढ़ोतरी पर अंतिम निर्णय जून के महंगाई सूचकांक की समीक्षा और केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद लिया जाएगा।


