पाकिस्तान इस समय आंतरिक सुरक्षा और राजनीतिक असंतोष की दोहरी चुनौती का सामना कर रहा है। एक ओर बलूचिस्तान में बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने सुरक्षा बलों पर बड़ा हमला करने का दावा किया है, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में सरकार और सेना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हो रहे हैं। BLA ने दावा किया है कि उसने बलूचिस्तान के ग्वादर जिले के जिवानी क्षेत्र स्थित पनवान कोस्ट गार्ड बेस को आत्मघाती वाहन हमले का निशाना बनाया। संगठन के अनुसार, विस्फोटकों से भरे वाहन के जरिए किए गए इस हमले के बाद उसके लड़ाकों ने कैंप पर चारों तरफ से हमला किया। BLA का कहना है कि इस कार्रवाई में पाकिस्तानी अर्धसैनिक बलों के 30 से अधिक जवान मारे गए और कई अन्य घायल हुए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
संगठन के मीडिया विंग ने हमले का एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें कथित तौर पर विस्फोट से पहले एक वाहन कैंप में प्रवेश करता और उसके बाद बड़ा धमाका होता दिखाई देता है। BLA का दावा है कि इस ऑपरेशन में कोस्ट गार्ड बेस को भारी नुकसान पहुंचा। उधर, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भी सरकार विरोधी आंदोलन लगातार जारी है। संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में रावलकोट के ईदगाह मैदान में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और पाकिस्तान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अपने अधिकारों की मांग करते हुए सरकार और सेना के खिलाफ नारेबाजी की। रैली को संबोधित करते हुए JAAC के नेताओं ने पाकिस्तान सेना पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि क्षेत्र के लोगों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और लोगों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इन घटनाओं ने पाकिस्तान के सामने सुरक्षा और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।


